दीवारों में दरवाज़े हों ना हों
झरोखे दुरुस्त होने चाहिए
तुम आ जा ना भी सको
हवायें, बौछारें, महक और संगीत
आते जाते रहने चाहिए
किरणें, मौसम, चिट्ठी और नज़ारे
आते जाते रहने चाहिए
झरोखों में पर्दे हों ना हों
नज़र भर बाहर झाँकने की गुंजाइश होनी चाहिए
पर्दों पर फूल बनें हों ना हों
वो हल्के, पारदर्शी होने चाहिए
की जब हवा चले तो झाँक झाँक के चले
हवा में बौछार ना हो ना सही
सच की ख़ुशबू होनी चाहिए
ख़ुशबू महंगी ना हो ना सही
जानी पहचानी होनी चाहिए
ख़्वाहिशें पूरी ना हो ना सही
ख्वाहिशें होनी ज़रूर चाहिए
Awesome
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