मैं लिखने बैठती हूँ जब भी पुरानी एक डायरी है जो दिखती है सबसे ऊपर हर बार एक एक पन्ना पलट कर आखरी खाली वाले तक जाती हूँ हमेशा पुराने में से ही नए शब्द खोजती हूँ, यूँ होती है हर शाम बसर कुछ ऐसा लिखा था नाम तेरा पहले पन्ने पर, पीछे की जिल्द... Continue Reading →
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