तेरे पहलू में, गहमा गहमि से परे शोर गुल से परे एक नर्म, सरल सा एहसास है परिवार से परे, दोस्तों से परे, सब से परे, खुद से परे, तुझसे भी परे, माँ के दामन जैसा महफ़ूज़ धरती के जैसा अपार तेरी मोहब्बत के जैसा मखमली तेरे पहलू में, एक नर्म, सरल सा एहसास है... Continue Reading →
Recent Comments