"फिर कभी..", ज़िन्दगी ने कहा, "तुमसे, मैं फिर कभी मिलूंगी देखना तब तक गुज़र हो पाए बस, वादा नहीं है - वादा तुम समझ नहीं पाओगे, वादा मैं रख भी नहीं पाऊँगी, यूँ ही बस लड़ने का बहाना बनेगा - वादा सिर्फ कोशिश करेंगे - मैं वापस आने की.. तुम यहीं रहने की मुश्किल होगी..... Continue Reading →
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